Saturday, March 8, 2014

नारी तुम भारत हो


नारी तुम मेरा विस्वास  हो,
तुमही भारत का इतिहास हो ||

माता,पत्नी और बहन,
जाने कितने रूप है ||

सकल जगत की  अधार शिला,
तूने दुर्गा का भी रूप लिया ||

ये नारी तू ही भारत  है,
हम सब की पालक है ||


चंद्रमणि मिश्रा