Friday, October 10, 2008

मुझे मय का प्याला पिला दे,भक्ति रस की अलख मन मे जगा दे.

मुझे मय का प्याला पिला दे,भक्ति रस की अलख मन मे जगा दे.
मुझे भक्ति रूपी मय का प्याला पिला दे.
हे जगत के पालनहार सुन ले मेरी पुकार.
भक्ति रूपी मय पिला दे. 
भक्ति रूपी मय से में मतबल हो जाऊ.
जग को भूल कर तेरे श्री चरणों में आजाऊ.
जग को भूल कर तेरे श्री चरणों में आजाऊ. 
श्री कृष्णचन्द्र भगवन को समर्पित.

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