Sunday, June 28, 2009

मत मरो मुझे इस तरह


मत मरो मुझे इस तरह
आखिर मेरा कसूर क्या है

रुको रुको मत मरो मुझे
मुझे भी दुनिया में आना है आप सब का प्यार पाना है

मैं लड़का नहीं तो क्या हुआ
मैं हे तो वंश बढाउगी
बिन मेरे कुछ न कर पाएगी दुनिया
एक दिन खुद ही मिट जाये गी

जब मैं आउगी खुशिया हजारो लाउगी
घर तेरे दीप जलेगा,मैं कही और उज्जला फैलाउगी

रुको रुको मत मरो मुझे...क्यों दे रहे हो ये सजा.
क्या तुमको मेरी पीडा समझ नहीं आती है

तू तो खुद एक माँ है, तू तो समझ मेरी पीडा
मैं तेरी बिटिया हूँ,तू भी माँ बन जा.

No comments:

Post a Comment