मन बहुत ही चलाये मान होता है इसकी गति लाखो सूर्य किरणों से भी अधिक होती है,यह एक पल में आपना इस्थान बदल कर कही और vichran करने लगता है.जिस भी मनुष्य का मन उसके काबू में है वही इस संसार में महान पुरुष है...
कुछ पंक्ति मेरी लिखी हुई.......
मन मेरा मोहि सताबे
एक पल भी ठहर न पाबे
जो में भजन करू,तन छोड़ मन कही और फिरे |
भगवत भजन में मन कह रश पाबे||
मन मेरा मोहि सताबे
तृष्णा-बंधन खूब सतावे
मन मोर कही चैन न पावे.
माया ग्रसित संसार में यह मन रश पावे |
मेरा मन मोरे पास न अवे-मेरा मन मोरे पास न अवे ||
कुछ पंक्ति मेरी लिखी हुई.......
मन मेरा मोहि सताबे
एक पल भी ठहर न पाबे
जो में भजन करू,तन छोड़ मन कही और फिरे |
भगवत भजन में मन कह रश पाबे||
मन मेरा मोहि सताबे
तृष्णा-बंधन खूब सतावे
मन मोर कही चैन न पावे.
माया ग्रसित संसार में यह मन रश पावे |
मेरा मन मोरे पास न अवे-मेरा मन मोरे पास न अवे ||
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