Saturday, June 5, 2010




हे मात्र भूमि हे भारत माता.
हम सब का कल्याण करो.
दे कर भक्ति हम सबको.
जीवन का उद्धार करो.

जन्म बार बार हो इस भूमि पर,
माँ ऐसा उपकार करो.
हम सब है तेरे बालक,
माँ हम सब पर अनुराग करो.

क्या हिन्दू,क्या मुस्लिम..
क्या सिख क्या इशाई.
हम सब है तेरे बालक,
हम सबको है तू जान से प्यारी.

कसम तुम्हारी हम खाते है,
हम तेरा मान बडायेगे.
शिवराज की इस भूमि में,
मंदिर तेरा बनायेगे.

वीर पुरुषो की तू जननी,
वीरो की तू माता है.
छत्रपाल से लेकर महराना तक,
सब ने तेरे लिए कटा आपना माथा था.

भगत,आजाद,सुभाष,गाँधी,
इन सब   ने भी तुझको पूजा था.
तेरा रक्षा की खातिर माँ इन सब ने,
तेरे चरणों में अपना जीवन सोपा था.

जब जब होगा तुझ पर अत्याचार माँ,
प्रतिकार हमारा होगा.
तेरी रक्षा की खातिर,सिस हमारा अंगे होगा.

हुंकार कोई न अब भर पाएगा.
अधिकार हमारा होगा.
हिन्दू कुश से हिमालय तक,
माँ तेरा ही अंचल होगा.

जब भी आयेगा कोई महमूद,
पृथ्वी  बन कर रोकुगा..
माँ तेरे अंचल को,
आपने खून से सीचुन्गा

देवो की भी है तू माँ,
राम कृष्ण भी यहाँ आये थे  ..
देकर जीवन जीने की सिख,
जीवन के रहष्य बतलाये  थे.

महावीर,बुध ,नानक ने भी,
 जन्म यही पाया था.
तेरी गोदी में खेल कर माँ,
उन्होंने जीवन सच बतलाया था.

कर कृपा माँ चंद्रमणि  पर भी,
जीवन उसका बन जायेगा.
कर के सेवा वो तेरी स्वर्ग सा सुख पायेगा.

है सम्पूर्ण नहीं माँ तेरी यशोगाथा,मेरा  ज्ञान अधुरा है
करता हूँ माँ नित्य तेरी पूजा,तुझमें विश्वाश  पूरा है.
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