Saturday, June 5, 2010

मेरे सपनो का भारत तुम बना देना.
एक कमरे में राम,एक कमरे में रहीम,
आंगन में ईशा को बिठा देना.
मेरे सपनो का भारत तुम बना देना.

जंहा न कोई हिन्दू,मुस्लिम,
ईशा का भी भेद मिटा देना.
सभी को इंसान एक दिन तुम बना देना.
मेरे सपनो का भारत तुम बना देना.

पूछे जो भी नाम तेरा आपना काम बता देना.
चले तू भी मुस्कुरा कर चले वो भी मुस्कुरा कर.
सभी को गले से लगा लेना.
मेरे सपनो का भारत बना देना.
मेरे सपनो का भारत बना देना..