Tuesday, April 8, 2014

बहुत गहरा है रिश्ता उसका मुझसे.

बहुत गहरा है रिश्ता उसका मुझसे.
यह वह मुझसे कहती है.
पर वक़्त नहीं है अब उसके पास.
वह उलझनों में इतनी उलझी है.
रिस्तो की गहराई इतनी है की महीनो बीत जाते है.
तब जा कर बात किसी एक दिन कुछ पल
की हो पाती है.
क्या करे इस रिश्ते में गहराई इतनी है की,
रोज मुलाकात हो ही नहीं पाती है.
मुलाकात की तो हम भूल गए,
उसके रिश्ते की गहराई में ऐसे खो गए.
अब वो कहा रहती है कब मिलती है.
यारो हम कब के भूल गए.
खुदा ने दे किसी को रिश्ते में इतनी गहराई.
प्यार करने की ये सजा जो हमने पाई.
चंद्रमणिमिश्रा