एक हसीन मुस्कान पे तेरी..............
ना तू कोई गुलबदन,
न तू कोई बहार है.
फिर भी न जाने दिल को,
क्यों तेरा इंतजार है.
एक हंसी मुस्कान पे तेरे,
दिल मेरा कुर्बान है.
रे पगली तू मेरे,
हाल ए दिल से अंजन है.
एक हंसी मुस्कान पे तेरी|--------1
दिल मेरा कुर्बान प्रिये||
रूप तेरा मनमोहक,
आंखे तेरी पहचान है.
हुई है जब से मुलाकात मेरी.
अब नहीं मेरी कोई पचान है.
एक हंसी मुस्कान पे तेरी|--------2
दिल मेरा कुर्बान प्रिये||
जीते थे कल तक तस्वीर से तेरे,
एक दिन बात हुई तो खुल गई किस्मत मेरी.
कुछ तू मुझको जानी,
कुछ मैं तुझको जाना.
ऐसे हुई पहचान मेरी तेरी....
कह दिया सब हाल दिल का तुझसे,
हुआ नहीं इंतजार मुझको.
सुन कर सब बातो को,
हो गई तू बेहाल प्रिये.
न कोई पूछे मेरे दिल का हाल प्रिये..
एक हंसी मुस्कान पे तेरी|------3
दिल मेरा कुर्बान प्रिये||
चंद्रमणि मिश्रा @all copy right reserved