Tuesday, April 8, 2014

क्या तेरे दिल में मैं हूँ नहीं.

क्या तेरे दिल में मैं हूँ नहीं.
ए मेरे खुदा बता दे जरा.
क्या तेरे रहमत में,
मैं हूँ या नहीं.
क्यों तोडा तूने घर मेरा,
क्या प्यार तेरा मैं हूँ नहीं.
क्या अश्को में मेरे दर्द नहीं.
जो तुझेको कोई फर्क नहीं.
दे दे मुझे अपनी रहमत,
प्यार मेरा दे दे.
मेरा साथी मेरा आंगन.
मेरा यार मुझे दे दे.
चंद्रमणि मिश्रा@all copy right reserved