माँ का दर्जा क्यों पाया?
जिस स्त्री ने दूध पिलाया,उसने हे माँ का दर्जा क्यों पाया.
जिस लड़की ने बंधी राखी,उसने हे बहन का दर्जा क्यों पाया.
लगता है हमारा समाज सो गया है तभी रिस्तो मैं इतना वेध आ गया है.
तभी रिस्तो मैं इतना वेध आ गया है.
संबंधो का यह लोप नहीं तो और क्या है?
मन की यह सोच नहीं तो और क्या है?
मन की बिषय पीडा साफ झलक आती है.
जब रह चलती लड़की बाज़ार मैं लुट जाती है.
जब रह चलती लड़की बाज़ार मैं लुट जाती है.
जिस लड़की ने बंधी राखी,उसने हे बहन का दर्जा क्यों पाया.
लगता है हमारा समाज सो गया है तभी रिस्तो मैं इतना वेध आ गया है.
तभी रिस्तो मैं इतना वेध आ गया है.
संबंधो का यह लोप नहीं तो और क्या है?
मन की यह सोच नहीं तो और क्या है?
मन की बिषय पीडा साफ झलक आती है.
जब रह चलती लड़की बाज़ार मैं लुट जाती है.
जब रह चलती लड़की बाज़ार मैं लुट जाती है.
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