पत्नी के आते ही गहर स्वर्ग बन जाता है.
पत्नी के आते ही गहर स्वर्ग बन जाता है.
देवी मूरत की जगह पत्नी का चेहरा नज़र अत्ता है.
.......................................................
मेरी पत्नी के आत्ते मैं भी बदल गया.
अब मुझे कुछ समझ मैं नहीं अत्ता है.
पत्नी किस-किस से बाते करती है.
यही सोचते सोचते समय निकल जाता है.
अब तो पत्नी जी का जंजाल बन गई .
घर में ही मेरे ससुराल बन गई.
घर में ही मेरे ससुराल बन गई.
अब सास-ससुर सब यही पाए जाते है.
मोहल्ले वाले मुझे ताने सुनाये जाते है.
आपने ही घर में हो गया हूँ मैं बंदी.
ऐसा लगता है जैसे हो गई मेरी नशबंदी.
सारा दिन मुझ पर हुक्म चलाया जाता है.
बात बात पर मेरा मज्ज़क उड़ाया जाता है.
महीनो बीत जाते है पत्नी से नहीं मिल पता हूँ.
सास-ससुर के अंगे मैं बेबश नज़र आता हू.
सास-ससुर के अंगे मैं बेबश नज़र आता हू.
मेरी दशा अब किसी से छुपी नहीं है.
मेरे ही घर मैं मेरे लिए जगह नहीं है.
मोहल्ले वाले भी अब मुझ पर तरश खाते है.
भाई राम तुम्हारे अछे दिन आने वाले है.
सुबह-शाम यही सुनते है.
सुबह-शाम यही सुनते है.
देवी मूरत की जगह पत्नी का चेहरा नज़र अत्ता है.
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मेरी पत्नी के आत्ते मैं भी बदल गया.
अब मुझे कुछ समझ मैं नहीं अत्ता है.
पत्नी किस-किस से बाते करती है.
यही सोचते सोचते समय निकल जाता है.
अब तो पत्नी जी का जंजाल बन गई .
घर में ही मेरे ससुराल बन गई.
घर में ही मेरे ससुराल बन गई.
अब सास-ससुर सब यही पाए जाते है.
मोहल्ले वाले मुझे ताने सुनाये जाते है.
आपने ही घर में हो गया हूँ मैं बंदी.
ऐसा लगता है जैसे हो गई मेरी नशबंदी.
सारा दिन मुझ पर हुक्म चलाया जाता है.
बात बात पर मेरा मज्ज़क उड़ाया जाता है.
महीनो बीत जाते है पत्नी से नहीं मिल पता हूँ.
सास-ससुर के अंगे मैं बेबश नज़र आता हू.
सास-ससुर के अंगे मैं बेबश नज़र आता हू.
मेरी दशा अब किसी से छुपी नहीं है.
मेरे ही घर मैं मेरे लिए जगह नहीं है.
मोहल्ले वाले भी अब मुझ पर तरश खाते है.
भाई राम तुम्हारे अछे दिन आने वाले है.
सुबह-शाम यही सुनते है.
सुबह-शाम यही सुनते है.
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