Friday, October 10, 2008

कहो कृष्ण कब आओगे,पूछते है गोकुलवासी.

कहो कृष्ण कब आओगे,पूछते है गोकुलवासी.
मधुर-मिलन की आस लगा बैठे है,गोकुलवासी.
नित्य-नित्य रह तकते है अब.
कब आओगे मधुरावासी.
करून-स्वर रुन्दित गला,सिर्फ हाड़ मॉस का शरीर बचा.
कृष्ण तुम्हारी बिरह मैं सारा ब्रज जला.
कृष्ण तुम्हारी बिरह मैं सारा ब्रज जला.


राधा रानी की क्या सुनाऊ कहानी.
मीरा भी है तुम्हारी दीवानी.
प्रेम बसा के मन में,तुम खुद दूर चले गए.
प्रेम-विरह में जलती राधा छोड़ गए.
मधुरा जा कर कृष्ण तुम ब्रज भूल गए.
मधुरा जा कर कृष्ण तुम ब्रज भूल गए.


अविरति चालत रह भी मुद जाती है.
कृष्ण तेरी विरह में गोपिया पाषाण नज़र आती है.
कृष्ण तेरी विरह में गोपिया पाषाण नज़र आती है.
लोक-लाज सब भूल गई, कृष्ण विरह की आग में.
गोपिया ही कृष्ण हो गई,कृष्ण तेरी याद में.
गोपिया ही कृष्ण हो गई,कृष्ण तेरी याद में.

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