माँ आज आगन सुना है
माँ आज आगन सुना है
चहल-पहल के बिना अधुरा है
कल तक यहाँ सब थे,आज क्या हुआ
माँ बोल न ये आगन कैसे सुना हुआ
परिवारों का सिकुड़ता दायरा आज यही पूछ रहा है |
घरो का टूटना आज कल क्यों हो रहा है ||
माँ बोलना कल तक चाचा चची ,दादा दादी सब यही थे |
फिर आज क्या हुआ,सब का आगन अलग कैसे हुआ ||
माँ अब मैं किसके संग खेलुगी,कौन कहानिया सुनाये गा |
मैं तो अभी बच्ची हूँ,कैसे अलग रही पाउगी ||
याद है माँ ये आगन या याद दिलाऊ |
माँ बोल न मैं तुझे कैसे समझाऊ ||
जब तुम और पापा काम पर चले जाते हो |
मैं अकेली यादो में खो जाती हूँ ||
माँ तुम मुझ से सब ले लो .......
बदले में मेरी ख़ुशी मेरा प्यारा आगन दे दो.
चहल-पहल के बिना अधुरा है
कल तक यहाँ सब थे,आज क्या हुआ
माँ बोल न ये आगन कैसे सुना हुआ
परिवारों का सिकुड़ता दायरा आज यही पूछ रहा है |
घरो का टूटना आज कल क्यों हो रहा है ||
माँ बोलना कल तक चाचा चची ,दादा दादी सब यही थे |
फिर आज क्या हुआ,सब का आगन अलग कैसे हुआ ||
माँ अब मैं किसके संग खेलुगी,कौन कहानिया सुनाये गा |
मैं तो अभी बच्ची हूँ,कैसे अलग रही पाउगी ||
याद है माँ ये आगन या याद दिलाऊ |
माँ बोल न मैं तुझे कैसे समझाऊ ||
जब तुम और पापा काम पर चले जाते हो |
मैं अकेली यादो में खो जाती हूँ ||
माँ तुम मुझ से सब ले लो .......
बदले में मेरी ख़ुशी मेरा प्यारा आगन दे दो.
भाई भावनाएं बहुत अच्छी लगीं !
ReplyDeleteसीधे दिल में उतर गयीं !
शुभ कामनाएं
कृपया वर्ड वैरिफिकेशन की उबाऊ प्रक्रिया हटा दें ! लगता है कि शुभेच्छा का भी प्रमाण माँगा जा रहा है। इसकी वजह से प्रतिक्रिया देने में अनावश्यक
परेशानी होती है !
तरीका :-
डेशबोर्ड > सेटिंग > कमेंट्स > शो वर्ड वैरिफिकेशन फार कमेंट्स > सेलेक्ट नो > सेव सेटिंग्स
आज की आवाज
ab thik hai ji
ReplyDeleteaangan hi nahin raha ab to dost sab taraf kankar pathar ka biya baan .badhaai .veerubhai.blogspot.com
ReplyDeletenice keep it..
ReplyDeletemanbhavan.narayan narayan
ReplyDeleteBohot saral sundar alfaaz...kewal "aangan"ke badle "aagan" likhaa gaya hai...use sampadit zaroor karen!
ReplyDeleteApna link dena bhool gayee thee..
ReplyDeletehttp://lalitlekh.blogspot.com
http://shamasansmaran.blogspot.com
http://aajtakyahantak-thelightbyalonelypath.blogspot.com
Anek shubhkamnaon sahit
shama
हिंदी भाषा को इन्टरनेट जगत मे लोकप्रिय करने के लिए आपका साधुवाद |
ReplyDeleteजननी और जन्मभूमि-दोनो स्वर्ग से कहीं बढकर है।
ReplyDeleteबहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
ReplyDelete-:एक निवेदन:-
ReplyDeleteमनुष्य जीवन को सार्थक बनाने वाले सद्विचार अपने मोबाइल पर नि:शुल्क प्राप्त कर युग निर्माण योजना को सफल बनाने में हार्दिक सहयोग करे।
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