आप सभी से अनुरोध है इसको ऐसे पड़े नारी हो तो नर के लिए नर हो तो नारी के लिए इसको महसूस करे.
कल और आज में बस पूरक यही.
कल तू थी और आज मैं हूँ.
खुश तू भी नहीं खुश मैं भी नहीं.
कल तू थी और आज मैं हूँ.
खुश तू भी नहीं खुश मैं भी नहीं.
तू अंगे बढ़ी मैं वही खड़ा रहा.
तूने देखि दुनिया नई,
मैं अपनी दुनिया में खोया रहा.
तूने देखि दुनिया नई,
मैं अपनी दुनिया में खोया रहा.
भटक कर ही तो मैं तेरे पास आया था.
और तू नई थी तो भटकती रही.
मिला जो तुझे रस्ते में,
उसने तुझको और तूने उसको प्यार दिया.
और तू नई थी तो भटकती रही.
मिला जो तुझे रस्ते में,
उसने तुझको और तूने उसको प्यार दिया.
अंगे तू इतना बढ़ी अब पीछे नहीं आ पा रही है.
बनाये थे जो तूने नए रिश्ते उनसे निकल नहीं पा रही है.
बनाये थे जो तूने नए रिश्ते उनसे निकल नहीं पा रही है.
हैरान मैं नहीं परेशान मैं नहीं,
तू भी दुनिया के ले ले मज़े.
मैं खड़ा आज भी वही मैं खड़ा आज भी वही.
तू भी दुनिया के ले ले मज़े.
मैं खड़ा आज भी वही मैं खड़ा आज भी वही.
पर अब मैं तुझे अपना नहीं पाउगा,
अपने हदय को इतना विशाल नहीं कर पाउगा.
ये मेरा दिल है कोई कुरा करकट नहीं,
जो तेरे दमन में लगे दाग को छुपा पाउगा.
अपने हदय को इतना विशाल नहीं कर पाउगा.
ये मेरा दिल है कोई कुरा करकट नहीं,
जो तेरे दमन में लगे दाग को छुपा पाउगा.
ये दुनिया है मेरे दोस्त
अब तो जीना पड़ेगा.
हैरान न हो परेशान न हो,
सब को एक दिन ये दिन देखना पड़ेगा.
अब तो जीना पड़ेगा.
हैरान न हो परेशान न हो,
सब को एक दिन ये दिन देखना पड़ेगा.
अब मैं जहा खड़ा था वह से वापस जा रहा हूँ.
करने के लिए बहुत काम है,
अब बस यही मैं अपने शब्दों को अल्प विराम दे रहा हूँ.
करने के लिए बहुत काम है,
अब बस यही मैं अपने शब्दों को अल्प विराम दे रहा हूँ.
पसंद आये तो मनन करना,
नहीं तो अंगे बढ़ना.
नहीं तो अंगे बढ़ना.
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