किस पर भरोषा किया जाये,जो दिखता है.
या जो आप के पीछे होता है,
पर दिखाई नहीं देता है.
कुर्बान थे हम उसकी मुहब्बत पर,
पर अनजान थे उसकी साजिश से.
परदे के पीछे एक खेल,सजा रखा था.
मेरे अलावा किसी और से भी,
उसने अपना रिश्ता बना रखा है.
क्या खेल है जिन्दगी
साजिशो का एक पूरा जाल बुना रखा है.
मुहब्बत के नाम पर कभी, वो मेरी परीक्षा लिया करती थी.
बदल बदल के वो रूप मुझ आकर्षित करती थी.
एक दिन हमने भी बदला अपना रूप,
और यही खेल उसके साथ खेल बैठे.
जब मालूम पढ़ा उसका सच,
होश हमारे भी उड़ गए.
दिल में छुपा था कुछ और उसके,
और हम उससे मुहब्बत कर बैठे..
होती खडग अगर हमारे हाथो में,
अपना ही सर उड़ा देते.
इस सच को दबा के अपने दिल में,
यु न ही जिए होते.
या जो आप के पीछे होता है,
पर दिखाई नहीं देता है.
कुर्बान थे हम उसकी मुहब्बत पर,
पर अनजान थे उसकी साजिश से.
परदे के पीछे एक खेल,सजा रखा था.
मेरे अलावा किसी और से भी,
उसने अपना रिश्ता बना रखा है.
क्या खेल है जिन्दगी
साजिशो का एक पूरा जाल बुना रखा है.
मुहब्बत के नाम पर कभी, वो मेरी परीक्षा लिया करती थी.
बदल बदल के वो रूप मुझ आकर्षित करती थी.
एक दिन हमने भी बदला अपना रूप,
और यही खेल उसके साथ खेल बैठे.
जब मालूम पढ़ा उसका सच,
होश हमारे भी उड़ गए.
दिल में छुपा था कुछ और उसके,
और हम उससे मुहब्बत कर बैठे..
होती खडग अगर हमारे हाथो में,
अपना ही सर उड़ा देते.
इस सच को दबा के अपने दिल में,
यु न ही जिए होते.